हेल्थ इंश्योरेंस (Health Insurance) क्या है? Pros and Cons of Health Insurance 

Health Insurance एक व्यक्ति और बीमा प्रदाता के बीच एक अनुबंध है जो बीमाधारक द्वारा किए गए मेडिकल और सर्जिकल खर्चों के लिए कवरेज प्रदान करता है। यह एक वित्तीय सुरक्षा जाल के रूप में काम करता है, यह सुनिश्चित करता है कि व्यक्ति ज्यादा लागत के बारे में चिंता किए बिना गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा प्राप्त कर सकें। हेल्थ इंश्योरेंस प्लान्स कवरेज, प्रीमियम और अतिरिक्त लाभों के मामले में भिन्न होते हैं, जिससे व्यक्तियों को अपनी आवश्यकताओं के अनुरूप सही पालिसी चुनने की अनुमति मिलती है।. (1)

हेल्थ इंश्योरेंस के फायदे (Pros)

आपकी बचत को बचाता है:

आजकल इलाज का खर्च बहुत ज्यादा हो गया है. अगर आपको अचानक कोई गंभीर बीमारी हो जाती है, तो इलाज कराने में लाखों रुपये लग सकते हैं. यह रकम आपकी जमापूंजी को खत्म कर सकती है. हेल्थ इंश्योरेंस होने पर आपको इस परेशानी से बचाव होता है. कंपनी आपके इलाज का खर्च उठाती है.

  • कैशलेस सुविधा (Cashless facility):

कई हेल्থ इंश्योरेंस पॉलिसी कैशलेस सुविधा देती हैं. इसका मतलब है कि इलाज कराने के लिए आपको अस्पताल में अपने जेब से पैसे खर्च नहीं करने पड़ते हैं. इंश्योरेंस कंपनी सीधे अस्पताल को पेमेंट कर देती है.

हेल्थ इंश्योरेंस के नुकसान (Cons)

 प्रीमियम का भुगतान:

आपको हर साल या हर तिमाही में इंश्योरेंस कंपनी को प्रीमियम का भुगतान करना होता है. भले ही आप बीमार न पड़ें, फिर भी आपको प्रीमियम भरना पड़ता है.

पॉलिसी की शर्तें:

हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी में कुछ शर्तें होती हैं, जिन्हें क्लेम (Claim) करने से पहले पूरा करना होता है. इसलिए पॉलिसी खरीदते समय उसकी शर्तों को仔细 (Zhīxì – ध्यान से) पढ़ना चाहिए.

प्री-एग्जिस्टिंग डिजीज (Pre-existing Disease) का कवर नहीं:

 ज्यादातर हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी किसी भी बीमारी के इलाज का खर्च कवर नहीं करती हैं, जो पॉलिसी लेने से पहले से मौजूद थी.

भारत में स्वास्थ्य बीमा के विभिन्न प्रकार (Types of Health Insurance in Hindi)

आजकल, कई तरह की स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी उपलब्ध हैं, जिनमें से आप अपनी आवश्यकताओं के अनुसार चुन सकते हैं. आइए, विभिन्न प्रकार के हेल्थ इंश्योरेंस प्लान्स को देखें:

मेडिक्लेम पॉलिसी (Mediclaim Policy):

  • यह सबसे बेसिक और सबसे ज्यादा बिकने वाली हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी है. इसमें अस्पताल में भर्ती होने, इलाज, सर्जरी आदि के खर्च को कवर किया जाता है. (2)

Mediclaim एक ट्रेडमार्क शब्द है, लेकिन ये आम बोलचाल में हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी (Health Insurance Policy) के लिए इस्तेमाल हो जाता है. इस पॉलिसी के तहत बीमा कंपनी बीमारी, दुर्घटना या किसी गंभीर बीमारी के इलाज के लिए हुए खर्चों को कवर करती है.

Here’s a breakdown of the key terms:

  1. Mediclaim (मेडिक्लेम) – Trademark term for Health Insurance Policy
  2. Health Insurance Policy (हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी) – Formal term for health insurance policy
  3. Beema Company (बीमा कंपनी) – Insurance Company
  4. Bimari (बीमारी) – Illness
  5. Durghta (दुर्घटना) – Accident
  6. Gambhir Bimari (गंभीर बीमारी) – Critical Illness
  7. Ilaj (इलाज) – Treatment
  8. Karch (हुए) – Incurred
  9. Cover (कवर) – Covered

क्रिटिकल इलनेस इंश्योरेंस प्लान (Critical Illness Insurance Plan):

यह पॉलिसी गंभीर बीमारियों जैसे कि कैंसर, हार्ट अटैक, किडनी फेलियर आदि के लिए एकमुश्त राशि प्रदान करती है.

  • हेल्थ इंश्योरेंस में, क्रिटिकल इलनेस इंश्योरेंस प्लान एक ऐसा वित्तीय उत्पाद है जो आपको गंभीर बीमारियों के लिए कवरेज प्रदान करता है. ये बीमारियां जीवन-घातक हो सकती हैं और इलाज बहुत महंगा हो सकता है.
  • इस प्लान के तहत, अगर आपको पॉलिसी में शामिल किसी गंभीर बीमारी का पता चलता है, तो आपको एकमुश्त राशि का भुगतान किया जाता है. इस राशि का इस्तेमाल आप इलाज के खर्च, आय में कमी की भरपाई, या अन्य वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए कर सकते हैं.
  • गौर करने वाली महत्वपूर्ण बात यह है कि क्रिटिकल इलनेस इंश्योरेंस प्लान रेगुलर हेल्थ इंश्योरेंस से अलग होता है. रेगुलर हेल्थ इंश्योरेंस आपके अस्पताल में भर्ती होने और इलाज से जुड़े खर्चों को कवर करता है, जबकि क्रिटिकल इलनेस इंश्योरेंस आपको एकमुश्त राशि प्रदान करता है, जिसका इस्तेमाल आप अपनी मर्जी से कर सकते हैं.

ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस (Group Health Insurance):

यह पॉलिसी कंपनियां अपने कर्मचारियों के लिए लेती हैं. इसमें कर्मचारियों और उनके आश्रितों के इलाज का खर्च कवर किया जाता है.

Group Health Insurance एक ऐसी हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी है जो किसी कंपनी यानी एंप्लॉयर के द्वारा अपने एंप्लोई को दी जाती है. यह पॉलिसी एंप्लोई और उसके परिवार के सदस्यों को कवरेज प्रदान करती है.

इंडिविजुअल हेल्थ इंश्योरेंस (Individual Health Insurance): यह पॉलिसी आप अपने और अपने परिवार के लिए ले सकते हैं.

व्यक्तिगत हेल्थ इंश्योरेंस (Individual Health Insurance) किसी भी व्यक्ति के लिए एक वित्तीय सुरक्षा है. यह बीमा अपको किसी भी तरह की मेडिकल इमरजेंसी के लिए आर्थिक सहायता देता है.

आइए जाने इसके बारे में और अधिक:

  • क्या है व्यक्तिगत हेल्थ इंश्योरेंस?

यह एक तरह का इंश्योरेंस है जो खासतौर पर एक व्यक्ति के लिए होता है. यह पॉलिसी आपके अस्पताल में भर्ती होने, इलाज और सर्जरी जैसे खर्चों को कवर करती है. कुछ पॉलिसी में क्रिटिकल इलनेस (Critical Illness) का कवरेज भी मिलता है.

  • क्या फायदे हैं?

आज के समय में इलाज का खर्च बहुत ज्यादा बढ़ गया है. अगर आपको कोई गंभीर बीमारी हो जाती है, तो इलाज कराने में लाखों रुपये खर्च हो सकते हैं. व्यक्तिगत हेल्थ इंश्योरेंस आपको इस आर्थिक बोझ से बचाता है.

  • कौन सी चीज़ें कवर होती हैं?

अलग-अलग कंपनियों की पॉलिसी में कवर होने वाली चीज़ें थोड़ी बहुत अलग हो सकती हैं. लेकिन ज्यादातर पॉलिसी में नीचे बताई गई चीज़ें कवर होती हैं:

  • अस्पताल में रुकने का खर्च (Hospitalization Charges)
  • डॉक्टर की फीस (Doctor Fees)
  • दवाइयां (Medicines)
  • टेस्ट और डायग्नोसिस (Tests and Diagnosis)
  • एम्बुलेंस सेवा (Ambulance Service)
  • पॉलिसी चुनते समय किन बातों का ध्यान रखें?
  • अपनी उम्र, स्वास्थ्य और जरूरत के हिसाब से पॉलिसी चुनें.
  • आप कितना प्रीमियम (Premium) भर सकते हैं, यह भी ध्यान रखें.
  • पॉलिसी में कौन सी चीज़ें कवर होती हैं,仔细 (carefully) पढ़ें.
  • कंपनी की नेटवर्क हॉस्पिटल्स (Network Hospitals) की लिस्ट देखें.
  • कहाँ से मिल सकती है व्यक्तिगत हेल्थ इंश्योरेंस?

सीनियर सिटीजन हेल्थ इंश्योरेंस (Senior Citizen Health Insurance):

  • यह पॉलिसी खासतौर पर बुजुर्गों के लिए बनाई गई है. इसमें उनकी उम्र के हिसाब से होने वाली बीमारियों का खर्च कवर किया जाता है.

Senior Citizen Health Insurance

वरिष्ठ नागरिकों के लिए हेल्थ इंश्योरेंस (Health Insurance) एक महत्वपूर्ण वित्तीय उपकरण है। यह 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को अप्रत्याशित मेडिकल (Medical) खर्चों से बचाने में मदद करता है।

लाभ (Benefits)

  • अस्पताल में भर्ती (Hospitalization) और सर्जरी (Surgery) के खर्च को कवर करता है।
  • पहले से मौजूद बीमारियों (Pre-existing Diseases) के लिए कवरेज प्रदान कर सकता है (कुछ पॉलिसी में वेटिंग पीरियड (Waiting Period) होता है)।
  • क्रिटिकल इलनेस (Critical Illness) कवर प्रदान कर सकता है।
  • डे-केयर प्रक्रियाओं (Day Care Procedures) को कवर कर सकता है।
  • होम हेल्थ केयर (Home Health Care) जैसी अतिरिक्त सुविधाएं प्रदान कर सकता है।
  • इनकम टैक्स अधिनियम (Income Tax Act), 1961 की धारा 80D के तहत टैक्स छूट प्राप्त करने में मदद करता है।

कौन सी पॉलिसी चुनें (Choosing a Policy)

  • अपनी आवश्यकताओं और बजट को ध्यान में रखें।
  • विभिन्न बीमा कंपनियों (Insurance Companies) द्वारा दी जाने वाली पॉलिसी की तुलना करें।
  • कवरेज राशि (Sum Insured), डेडुक्टिबल (Deductible), को-पेमेंट (Co-payment), पॉलिसी अवधि (Policy Term) आदि को ध्यान से पढ़ें।
  • पॉलिसी के बाहर के खर्च (Out-of-pocket Expenses) को समझें।
  • किसी एजेंट (Agent) या ब्रोकर (Broker) से सलाह लें।

 

कुछ लोकप्रिय वरिष्ठ सिटीजन हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी (Popular Senior Citizen Health Insurance Policies):

  • बजाज आलियांज मेडिक्लेम सीनियर सिटीजन (Bajaj Allianz Mediclaim Senior Citizen)
  • HDFC Ergo सीनियर सिटीजन हेल्थ इंश्योरेंस प्लान (HDFC Ergo Senior Citizen Health Insurance Plan)
  • स्टार हेल्थ सीनियर नागरिक रेड कारपेट (Star Health Senior Citizen Red Carpet)

ध्यान दें (Note): यह एक सामान्य जानकारी है। किसी भी पॉलिसी को खरीदने से पहले विस्तृत विवरण (Details) के लिए बीमा कंपनी से संपर्क करें।

टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस (Top-up Health Insurance):

यह पॉलिसी आपके मौजूदा हेल्थ इंश्योरेंस प्लान के साथ ली जाती है. अगर आपके मौजूदा प्लान की सीमित राशि (Sum Insured) खत्म हो जाती है, तो टॉप-अप प्लान उस राशि को कवर करता है.

ठीक है, टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस आपके मौजूदा हेल्थ इंश्योरेंस प्लान को सपोर्ट करने के लिए एक बढ़िया विकल्प है। इसे ऐसे समझें:

  • आपके पास पहले से ही एक बेस हेल्थ इंश्योरेंस प्लान है, जिसकी एक निश्चित सम इंश्योर्ड (Sum Insured) होती है.
  • कभी-कभी, इलाज का खर्च आपकी बेस प्लान की सीमा से अधिक हो सकता है.

यही वह जगह है जहां टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस काम आता है. इसमें एक डेडक्टिबल (Deductible) होता है, जो एक प्री-सेट सीमा होती है. जब आपके अस्पताल में रहने या इलाज का बिल आपकी बेस प्लान की सीमा पार कर जाता है, तो टॉप-अप प्लान उस सीमा से अधिक के खर्च को कवर करता है.

तो, टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस आपको ये फायदे देता है:

  • किफायती प्रीमियम: रेगुलर हेल्थ इंश्योरेंस प्लान के मुकाबले, टॉप-अप प्लान कम प्रीमियम पर ज्यादा कवरेज देते हैं.
  • हायर कवरेज: आप अपनी जरूरत के हिसाब से 1 करोड़ रुपये तक का सम इंश्योर्ड चुन सकते हैं.
  • आपके चुनाव का हॉस्पिटल: आप अपने पसंद के अस्पताल में इलाज करवा सकते हैं, चाहे वह नेटवर्क हॉस्पिटल हो या नॉन-नेटवर्क हॉस्पिटल. (हालांकि, कैशलेस क्लेम सेटलमेंट का लाभ उठाने के लिए नेटवर्क हॉस्पिटल को चुनना बेहतर होता है.)

कुछ महत्वपूर्ण बातें:

  • टॉप-अप प्लान खरीदने के लिए आपके पास पहले से ही एक बेस हेल्थ इंश्योरेंस प्लान होना जरूरी है.
  • टॉप-अप प्लान डे-टू-डे हेल्थकेयर खर्चों को कवर नहीं करते हैं, बल्कि केवल बड़े अस्पताल के बिलों को कवर करते हैं.
  • पॉलिसी खरीदने से पहले डेडक्टिबल की रकम को ध्यान से पढ़ें.

सुपर टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस (Super Top-up Health Insurance):

यह टॉप-अप प्लान का ही एक और प्रकार है, लेकिन इसमें आपको कोई डेडक्टिबल (Deductible) राशि नहीं भरनी होती है. डेडक्टिबल वह राशि होती है जो किसी क्लेम को सेटल करने से पहले आपको खुद चुकानी होती है.

सुपर टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस (Super Top-up Health Insurance)

सुपर टॉप-अप हेल्th इंश्योरेंस आपकी मौजूदा हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी के ऊपर एक अतिरिक्त सुरक्षा की तरह काम करता है. यह तब काम आता है जब आपके रेगुलर हेल्थ इंश्योरेंस का रकम (sum insured) खत्म हो जाता है या आपके इलाज का खर्च आपकी मौजूदा पॉलिसी की सीमा से ज्यादा हो जाता है.

सुपर टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस कैसे काम करता है?

  • आप एक निश्चित deductible चुनते हैं. यह वह राशि है जिसे आपको किसी भी क्लेम को दाखिल करने से पहले खुद खर्च करना होगा.
  • यदि आपका मेडिकल बिल आपके रेगुलर हेल्थ इंश्योरेंस के रकम से अधिक है, तो आपको पहले deductible राशि का भुगतान करना होगा.
  • इसके बाद, सुपर टॉप-अप पॉलिसी बाकी बचे हुए खर्च को आपकी चुनी हुई सीमा (sum insured) तक कवर करेगी.

उदाहरण के लिए:

  • मान लीजिए आपके पास ₹10 लाख की सुपर टॉप-अप पॉलिसी है और आपने ₹3 लाख का deductible चुना है.
  • यदि आपका अस्पताल का बिल ₹15 लाख है, तो आपको पहले ₹3 लाख का deductible खुद चुकाना होगा.
  • बचे हुए ₹12 लाख में से, आपकी सुपर टॉप-अप पॉलिसी ₹10 लाख तक कवर करेगी. आपको बाकी के ₹2 लाख खुद देने होंगे.

सुपर टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस के फायदे (Benefits):

  • कम प्रीमियम (Lower Premiums): सुपर टॉप-अप पॉलिसी का प्रीमियम रेगुलर हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी के हाईयर रकम वाली पॉलिसी से कम होता है.
  • ज्यादा कवरेज (Higher Coverage): यह आपकी मौजूदा हेल्थ इंश्योरेंस प्लान की सुरक्षा को बढ़ा देता है और आपको अप्रत्याशित रूप से होने वाले ज्यादा मेडिकल खर्च से बचाता है.
  • आर्थिक सुरक्षा (Financial Security): यह आपकी बचत को सुरक्षित रखता है ताकि आप इलाज के खर्च की चिंता किए बिना पूरी तरह से ठीक होने पर ध्यान लगा सकें.

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि:

  • कुछ सुपर टॉप-अप पॉलिसी के लिए आपके पास पहले से मौजूद हेल्थ इंश्योरेंस होना जरूरी है.
  • पॉलिसी चुनने से पहले deductible की राशि और कवरेज की सीमा (sum insured) को ध्यान से पढ़ें.

आयुष हेल्थ इंश्योरेंस (Ayush Health Insurance):

यह आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी (आयुष) के इलाज के खर्च को कवर करता है.

आयुष हेल्थ इंश्योरेंस शब्द से आपका मतलब शायद किसी खास बीमा कंपनी के प्रोडक्ट से नहीं है, बल्कि हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी में आयुर्वेद, योग और यूनानी जैसी वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों को मिलने वाले कवरेज से है।

आयुष एक संक्षिप्त नाम है, जो आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी चिकित्सा पद्धतियों को मिलाकर बना है। ये चिकित्सा पद्धतियाँ पारंपरिक दवाओं और प्राकृतिक उपचारों पर आधारित हैं।

भारत में, आयुष उपचारों की लोकप्रियता बढ़ रही है और कई हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियां अब इनको अपने पॉलिसी में शामिल कर रही हैं। हालांकि, यह जरूरी है कि आप अपनी चुनी हुई हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी को ध्यान से पढ़ें और देखें कि क्या उसमें आयुष उपचार शामिल हैं।

आयुष कवरेज के लिए कुछ महत्वपूर्ण बातें:

  • कवर क्या होता है:  आयुष कवरेज आपके चयनित प्लान के आधार पर ओपीडी उपचार (डॉक्टर के पास जाने पर किया जाने वाला इलाज), आईपीडी उपचार (हॉस्पिटल में भर्ती होकर कराया जाने वाला इलाज), या दोनों को कवर कर सकता है।
  • प्रतीक्षा अवधि:  कुछ कंपनियां आयुष उपचार के लिए एक प्रतीक्षा अवधि लगाती हैं, जिसका मतलब है कि आपको पॉलिसी खरीदने के बाद एक निश्चित समय (आमतौर पर 4 साल) तक इंतजार करना पड़ सकता है, तभी आप क्लेम कर सकते हैं।
  • उप-सीमा:  कुछ योजनाओं में, आयुष उपचार के लिए एक उप-सीमा निर्धारित की जा सकती है, यानी इस श्रेणी के अंतर्गत कुल मिलाकर आप कितना खर्च क्लेम कर सकते हैं।

  • पर्सनल एक्सीडेंट इंश्योरेंस (Personal Accident Insurance): यह दुर्घटना के कारण मृत्यु या विकलांगता होने पर एकमुश्त राशि प्रदान करता है.

क्तिगत एक्सीडेंट इंश्योरेंस (Personal Accident Insurance)

यह बीमा पॉलिसी किसी दुर्घटना के कारण होने वाली मृत्यु या विकलांगता के लिए वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती है. (This insurance policy provides financial security in case of death or disability due to an accident.)

कवरेज (Coverage):

  • आकस्मिक मृत्यु (Accidental Death): दुर्घटना के कारण मृत्यु होने पर आपके परिवार को एकमुश्त राशि का भुगतान किया जाता है. (In case of death due to an accident, a lump sum amount is paid to your family.)
  • स्थायी कुल विकलांगता (Permanent Total Disability): यदि दुर्घटना के कारण आप हमेशा के लिए पूरी तरह से अक्षम हो जाते हैं, तो आपको बीमा राशि का एकमुश्त भुगतान प्राप्त होता है. (In case you become permanently totally disabled due to an accident, you receive a lump sum amount of the insured sum.)
  • स्थायी आंशिक विकलांगता (Permanent Partial Disability): दुर्घटना के कारण आपके शरीर के किसी अंग में स्थायी रूप से आंशिक क्षति होने पर आपको निर्धारित लाभ राशि का भुगतान किया जाता है. (In case of permanent partial disability of a body part due to an accident, you are paid a pre-determined benefit amount.)
  • अस्थायी कुल विकलांगता (Temporary Total Disability): यदि दुर्घटना के कारण आप एक निश्चित समय के लिए काम करने में असमर्थ हो जाते हैं, तो आपको हर महीने एक निर्धारित लाभ राशि का भुगतान किया जाता है. (In case you are temporarily unable to work for a certain period due to an accident, you are paid a pre-determined benefit amount every month.)

Maternity benefit plan: 

मातृत्व लाभ योजना बीमा (Maternity Benefit Plan Insurance)

मातृत्व लाभ योजना बीमा एक व्यापक स्वास्थ्य बीमा योजना है जो गर्भावस्था से जुड़े खर्चों को कवर करती है। इसे अंग्रेजी में मैटरनिटी इंश्योरेंस (Maternity Insurance) भी कहा जाता है.

यह योजना बच्चे के जन्म या वैध गर्भपात से जुड़े चिकित्सा खर्चों को कवर करती है. इसमें अस्पताल में भर्ती होने का खर्च, प्रसव (Delivery) का खर्च, डॉक्टर की फीस, दवाइयां, डायग्नोस्टिक टेस्ट (Diagnostic Tests) शामिल हो सकते हैं. कुछ पॉलिसी नवजात शिशु के लिए भी कवरेज प्रदान करती हैं, जैसे कि उनके जन्म के बाद होने वाले खर्च.

यहां कुछ मुख्य लाभ दिए गए हैं जिन्हें मैटरनिटी इंश्योरेंस कवर कर सकता है:

  • अस्पताल में भर्ती होने का खर्च (हॉस्पिटल डे-केयर चार्जेज)
  • प्रसव संबंधी खर्च (नॉर्मल डिलीवरी/सी-सेक्शन)
  • डॉक्टर की फीस
  • दवाइयां
  • डायग्नोस्टिक टेस्ट (एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड आदि)
  • नवजात शिशु के लिए कवरेज (कुछ पॉलिसी में)

आपको पॉलिसी खरीदने से पहले इन बातों का ध्यान रखना चाहिए:

  • कवरेज राशि (Sum Insured): अपने और अपने नवजात शिशु के लिए पर्याप्त कवरेज राशि चुनें.
  • वेटिंग पीरियड (Waiting Period): पॉलिसी खरीदने और क्लेम करने के बीच की अवधि.
  • छूट (Exclusions): किन परिस्थितियों में बीमा कंपनी क्लेम राशि का भुगतान नहीं करेगी.
  • प्रीमियम राशि (Premium Amount): आप हर साल कितना प्रीमियम चुका सकते हैं.
  • यह कुछ मुख्य प्रकार के हेल्थ इंश्योरेंस प्लान हैं. आपको अपनी जरूरत और बजट के अनुसार सही पॉलिसी चुननी चाहिए.

निष्कर्ष (Conclusion):

हेल्थ इंश्योरेंस लेना एक समझदारी भरा फैसला है. यह आपको और आपके परिवार को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करता है. हालांकि, आपको अपनी जरूरतों के हिसाब से सही हेल्थ इंश्योरेंस प्लान चुनना चाहिए.

Bhushan
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I am Bhushan Garg MCA Holder and 30 years old young Enterpreneur. By profession I'm a Blogger, Computer Trainer, and SEO Optimizer.

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