What is Printer? Printer कितने प्रकार के होते है?

यदि आप Printer के बारे में जानना चाहते है तो आप सही जगह पर आये है क्योंकि आज के इस आर्टिकल में हम पढ़ने वाले है What is Printer (Printer क्या है) और ये कितने types का होता  है?

इससे पहले वाले आर्टिकल में हमने जाना था What is Computer Memory और उसके types. तो  अब हम जानने वाले है कि Printer हमारे कंप्यूटर के लिए क्यों जरूरी है. और यह कितने प्रकार का होता है? तो प्लीज इस आर्टिकल को last तक जरुर पढ़े ताकि आपको अच्छी तरह से Computer Printer के बारे में पता लग सके.

What is Printer?

Printer एक ऐसा ऑनलाइन आउटपुट device है जिसका प्रयोग Soft Copy को Hard Copy में convert करने के लिए होता है.

दुसरे शब्दों में, Printer एक आउटपुट device है जो कंप्यूटर या अन्य device से डाटा लेकर उसे पेज पर उस इनफार्मेशन या डाटा को Print कर देता है.

Soft copy वो है जो डाटा या इनफार्मेशन हमारे कंप्यूटर में होता है और Hard copy जिस कंप्यूटर डाटा को हम पेज प्रिंट करते है.
Computer में इनफार्मेशन बहुत फ़ास्ट गति से मिलता but प्रिंटर इतना तेज गति से कार्य नही करता इसलिए प्रिंटर में भी एक memory होती है जिससे वह कंप्यूटर में files के डाटा को धीरे धीरे प्रिंट करता है.

What is Printer and Types

वैसे तो प्रिंटर को कंप्यूटर के साथ जोड़ने के लिए केबल का प्रयोग किया जाता है but वर्तमान में कुछ ऐसे features आ गये है जिसे हम प्रिंटर को बिना वायर के भी attach कर सकते है और दूर बैठे print निकल सकते है जैसे ब्लूटूथ, wifi, cloud जैसी तकनीक से प्रिंट कर सकते है.

Types of Printer

कंप्यूटर Printer को मुख्य 2 भागो में बांटा गया है –

  1. Impact Printer
  2. Non Impact Printer

Impact Printer

Impact Printer वह प्रिंटर है जो अपना impact छोड़ते है जैसे टाइपराइटर प्रिंटिंग की विधि भी इसके जैसे होती है. इसमें एक print head होता है जो कागज व ribbon से टकराता है जिससे impact प्रिंटिंग में अक्षर कागज पर छप जाते है.
ये प्रिंटर समान्य प्रिंटर की तुलना में अधिक आवाज़ करते है और इन्हें उन्ही business के अंदर प्रयोग किया जाता है जहाँ multipart प्रिंट होता है.
इसकी विशेषताएं

  • ये प्रिंटर की लगत बहुत सस्ती होती है.
  • यह आवाज़ बहुत करते है.
  • Multi Printing के लिए बहुत फायदेमंद है.

Impact Printer की विधियाँ है

  • Dot Matrix Printer
  • Line Printer
  • Daisy Wheel Printer
  • Chain Printer
  • Drum Printer

1) Dot Matrix Printer

इस प्रिंटर में print head move करता है इसमें Pins का एक मैट्रिक्स होता है और हर पिन के ribbon और पेपर पर एक डॉट छप जाता है और अनेक डॉट मिलकर एक character बनाते है और सभी character pins के group का उपयोग करके बनाये जाते है.

Dot Matrix Printer की speed 30 से 600 character per सेकंड होती है. यह प्रिंटर normally सस्ते और टिकाऊ होते है. इसीलिए आज के टाइम में भी इस प्रिंटर का प्रयोग बहुत से business में हो रहा है.

Dot Matrix Printer चलने में slow होते है और प्रिंटिंग के वक़्त शोर भी बहुत करते है. इनकी quality बाकि के मुकाबले थोड़ी कम होती है.

Dot Matrix Printer के फायदे

  • Dot Matrix Printer की लागत कम होती है.
  • Dot Matrix Printer की cost कम होती है इसलिए इनको खरीदना और प्रयोग करना आसान है.

Dot Matrix Printer के नुकसान

  • Dot Matrix Printer की print quality बहुत कम होती है.
  • यह प्रिंटर चलने में बहुत शोर करते है.
  • ink jet प्रिंटर की तुलना में Dot Matrix Printer की speed कम होती है.
  • Pin head की break होने की सम्भावना होती है.

2) Line Printer

Line Printer भी impact printer है. ये printer पूरी लाइन एक बार में में छाप सकता है. इस printing की cost भी कम होती है. इस प्रिंटर को बार printer भी कहाँ जाता है.

Line Printer के छापने की speed 300 से 3000 लाइन प्रति मिनिट होती है. इन प्रिंटर का प्रयोग Mini और Main Frame कंप्यूटर में बड़े कार्यो के लिए किया जाता है.

Line Printer के फायदे

  • ये printer fast speed से प्रिंट निकालते है.
  • Line printer में आवाज़ कम होती है क्योंकि ये प्रिंटर एक कैबिनेट में सलग्न होते है.

Line Printer के नुकसान

  • ये प्रिंटर केवल black ink से ही printer निकल सकते है.

3) Daisy Wheel Printer

Daisy Wheel Printer भी टाइपराइटर के समान ही है ये प्रिंटर केवल character और symbol प्रिंट कर सकते है. यदि ग्राफ़िक प्रिंट करना हो तो ये प्रिंटर नही कर सकते.

इन printer की printing speed 10 से 75 character प्रति सेकंड होती है. लेज़र और inkjet प्रिंटर की कीमतों में कमी होने के कारण और डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर की quality में सुधार होने से Daisy Wheel Printer अब अप्रचलित हो गये है.

Daisy Wheel Printer के फायदे

  • maintenance cost कम है.
  • Running Cost कम है.
  • यूनिट cost भी कम है.

Daisy Wheel Printer के नुकसान

  • इस printers की resolution कम है.
  • ये प्रिंटर आवाज़ बहुत करते है.
  • Ribbon को बदलना पड़ता है.

4) Drum Printer

जैसा कि इसके नाम से पता चलता है कि इस प्रिंटर में एक ड्रम होता है और ये ड्रम फ़ास्ट speed से घूमता है. जिसकी सतह पर character उभरे हुए रहते है. इसमें बैंड का एक सेट होता है ऐसे अनेको बैंड पुरे drum पर होते है जिससे पेपर पर लाइन की हर स्थिति में character प्रिंट किये जाते है.

एक rotation में ये एक बार लाइन प्रिंट करता है इस प्रिंटर की speed 300 से 2000 character प्रति मिनट की होती है.

5) Chain Printer

इस प्रिंटर में तेज speed से घुमने वाली एक चैन होती है जिसे प्रिंट चैन कहा जाता है. ड्रम प्रिंटर की तरह ये प्रतेक print position के लिए हैमर होता है. जिससे हैमर पेपर पर टकराकर एक बार में एक लाइन प्रिंट करता है.
chain प्रिंटर में चैन rotate होती रहती है जब तक लाइन पर प्रिंट position नही आ जाती.

Non-Impact Printer

इन प्रिंटर में print head के साथ कोई कनेक्शन नही होता. इसमें printing laser technique के द्वारा की जाती है. इनकी printing की quality भी बहुत clear होती है और बिलकुल भी आवाज़ नही करते. इन printers की cost impact प्रिंटर की तुलना में ज्यादा होती है but इसके रिजल्ट उसके according बहुत ही ज्यादा अच्छे होते है. इन printers की help से हम graphics printing भी आराम से कर सकते है.
Non-Impact Printer भी कई प्रकार के है.

  • Laser Printer
  • Inkjet Printer
  • Thermal Printer
  • Multi Functional Printer
  • Photo Printer

1) Laser Printer

Laser Printer

Laser प्रिंटर एक non impact प्रिंटर है जिसका प्रयोग 1970 के दशक से हो रहा है. Mainframe कंप्यूटर में इनका प्रयोग किया जाता था. ये प्रिंटर Photostate machine की तरह वर्क करता है.

ये printer एक mirror पर एक laser बीम direct पेपर पर image produce करता है.

वर्तमान में Laser Printer अधिक लोकप्रिय है क्योंकि ये प्रिंटर बहुत फ़ास्ट speed से काम करते है और बेस्ट quality से print निकालते है.

Laser Printer में माइक्रो processor, RAM और ROM का भी प्रयोग किया जाता है.

ये प्रिंटर भी डॉट्स के द्वारा ही पेपर पर print करता है. लेकिन dots इतने small होते है कि प्रिंट पेपर पर dots दिखाई नही देते. इन printers के अंदर cartridge का इस्तेमाल किया जाता है. जिसके अंदर ink powder डाला जाता है. और ये ink powder liquid नही होता बल्कि dry (सुखा) होता है.

Laser Printer की resolution 300 से 1200 DPI तक होती है. Colored printers भी best quality के print देता है क्योंकि इसमें special टोनर होता है और अलग अलग color available होते है. colored प्रिंटर costly ज्यादा होते है और इनकी printing भी महंगी पड़ती है.

Laser Printer के फायदे

  • Inkjet Printer की तुलना में अधिक effective होते है.
  • Laser Printer की speed बहुत ज्यादा होती है.
  • Paper capacity higher होती है.
  • Inkjet Printer की तुलना में printing सस्ती होती है.

Laser Printer के नुकसान

  • इनको चलाने के लिए हाई वोल्टेज की जरूरत होती है.

2) Inkjet Printer

Inkjet Printer

Inkjet Printer office और घरो के लिए प्रयोग होने वाले बेस्ट प्रिंटर है क्योंकि इनकी printing quality और उचित लागत भी है. इस प्रिंटर में Nozzle से पेपर पर ink की बूंदों से character और graphics प्रिंट किये जाते है. इन printers को CMYK प्रिंटर भी कहते है क्योंकि इसमें नीलम, red, yellow और black color से मिलकर किसी भी color को अपने पेपर पर प्रिंट करवा सकते है. इसीलिए इन प्रिंटर का प्रयोग colored प्रिंटर के लिए होता है.

Inkjet Printer की printing quality 300 DPI होती है. इसकी speed normally 250 characters per सेकंड होता है.

3) Thermal Printer

इन printers का प्रयोग ज्यादातर business और दुकानों पर किया जाता है. इसमें वैक्स आधारित ribbon से अक्षरों को पेपर पर प्रिंट किया जाता है. इन प्रिंटर में जो प्रिंट होता है उसे ज्यादा देर तक नही रख रखते मतलब वो कुछ टाइम के बाद प्रिंट किया गया matter clear हो जाता है.

इस printers का इस्तेमाल ATM मशीनों में होता है. ये प्रिंटर महंगे होते है but इनका प्रयोग करना बेहद आसान है.

4) Multifunctional Printer

ये एक ऐसा non impact प्रिंटर है जिसका प्रयोग हम inkjet और laser दोनों के लिए करते है. इसे All-in-one प्रिंटर भी कहा जाता है. इन प्रिंटर की वर्तमान में बहुत demand रहती है क्योंकि इसमें एक से अधिक कार्य कर सकते है जैसे printing, फैक्स, स्कैनिंग इत्यादि.

ये एक ऐसी machine है जिसके द्वारा print, scan, और फैक्स किये जा सकते है ये आजकल घरेलू कार्य के लिए भी प्रयोग होने लगा है. वर्तमान में तो ऐसे प्रिंटर भी आ गये है जो डिजिटल कैमरा से कंप्यूटर का प्रयोग करके सीधे प्रिंट निकाल सकता है.

5) Plotter

इन प्रिंटर का प्रयोग मुख्य रूप से इंजिनियर drawing और आर्किटेक्चर प्रिंट के लिए करते है. दुसरे प्रिंटर की तुलना में ये printers एक पेन का प्रयोग करके लाइन को draw करता है. ये multicolored भी होते है. फ्लेक्स आदि डिजाईन इसी प्रिंटर की help से किये जाते है.

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Conclusion

अब तक आपने सिखा What is Printer and Types of Printers. अब आपको ये पोस्ट पढ़ने के बाद प्रिंटर से related doubt clear हो गया होगा. यदि फिर भी आपको कोई doubt है तो आप हमे comment कर सकते है और मैं पूरी कोशिश करूंगा अपने comment का reply करने की.

दोस्तों, यदि आपको ये पोस्ट अच्छा लगे तो प्लीज शेयर करना न भूले और इस पोस्ट को पढ़ने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यबाद !

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