What is SERP in Hindi? इससे वेबसाइट की Performance कैसे Improve करें ?

आज के इस आर्टिकल में हम बात करेंगे कि SERP क्या है और ये काम कैसे करता है. इसे अपने वेबसाइट के लिए कैसे इस्तेमाल करे? यदि आप एक नए ब्लॉगर है और आपको SERP के बारे में बिलकुल भी नही पता तो चिंता करने की जरूरत नही है क्योंकि इस पोस्ट में पूरी डिटेल्स के साथ हम चर्चा करने वाले है SERP के बारे में.

यदि आप serp का इस्तेमाल सही तरीके से करते है तो आप अपनी वेबसाइट पर अच्छा ट्रैफिक generate कर सकते है और google के टॉप रिजल्ट में आ सकते है.

आजकल इन्टरनेट का सबसे ज्यादा use है और कोई भी विषय find karna है तो हम सर्च करके किसी न किसी वेबसाइट पर जाते है. ऐसे इन्टरनेट पर बहुत सारे page मिल जाते है जहाँ से आप सर्च कर सकते है. इसीलिए यदि आप एक ब्लॉगर है तो serp के बारे में जानकारी होना अति जरूरी है.

कुछ ब्लॉगर अब भी यही समझते है कि google सर्च console में page का index होना ही सर्च रिजल्ट में टॉप पोजीशन में लाना है. but ये गलत है क्योंकि पोस्ट का index होने position fix नही होती.

इसीलिए google webmaster tool में index होने से apki पोस्ट serp में first position पर नही होती. इसलिए लिए पोस्ट में कुछ SEO rules follow करने होते है. जो हम आज इस पोस्ट के माध्यम से discuss करेंगे.

What is SERP in Hindi (SERP क्या है ?)

SERP का फुल फॉर्म है – “Search Engine Result Pages”

Serp का मतलब है सर्च इंजन में show होने वाले pages. गूगल पर आप कीवर्ड के द्वारा कुछ भी सर्च करते है तो जो पेज पहले आता है उसे SERP कहते है.

SERP Kya Hai

SERP Meaning

SERP में जो रैंक होता है उसे page rank भी कहाँ जाता है. यदि आपकी साईट का page rank high होगा उतना ही आपकी वेबसाइट के pages सर्च रिजल्ट में पहले page पर display होगे. जिससे वेबसाइट पर ज्यादा से ज्यादा ट्रैफिक आएगा.

आपने देखा 80% से ज्यादा लोग ऐसे है जो पहले पेज में सर्च करने के बाद दुसरे पेज पर नही जाते. इसलिए अपनी वेबसाइट को first page पर लाना बहुत जरूरी हो जाता है.

Search Engine तीन प्रकार से listings को SERPs में display करता है.

  • जिसे सर्च इंजन spider द्वारा indexed कर दिया जाता है.
  • जिसे सर्च इंजन में किसी यूजर के द्वारा indexed किया जाता है.
  • वो listings जिनके लिए पैसे दिए गये है सर्च इंजन में लिस्ट करने के लिए.

सर्च इंजन में लिस्ट करने के लिए एक ब्लॉगर को Schema, Structured Data & Rich Snippet के बारे में जानकारी होना अति जरूरी है. इनकी knowledge न होने के कारण वो confusion में रहते है अपने वेबसाइट के डाटा को show करने में.

जैसा आप देखते होगे हर सर्च इंजन रिजल्ट को organic और sponsored रिजल्ट के साथ rich snippet के साथ show करता है. सभी ब्लॉगर को ये भी लगा रहता है कि rich snippet पर रिजल्ट कैसे लाया जाये.

अब सर्च इंजन ने searcher की need के according कम टाइम में ज्यादा इनफार्मेशन show करने के लिए serp को upgrade किया जिससे आज के serp में आपको rich snippet और sponsor result देखने को मिलता है.

SERP (Search Engine Result Pages) काम कैसे करता है (How works SERP )

How to Works SERP in google

SERP सभी unique होते है चाहे उन्हें keyword और सर्च query के इस्तेमाल से एक ही सर्च इंजन में सर्च किया जाये.

search engine यूजर के according या उसके अनुभब के आधार पर रिजल्ट को display करता है.

SERP Organic And Paid Result

SERP में दो प्रकार के result display होते है

  • Organic Results
  • Paid Results

Organic Results

Organic Results उन Pages को कह सकते है जो सर्च इंजन के Algorithm के अनुसार appear होते है। जो Seo Professional होते है वो हमेशा वेबसाइट को हाई रैंक लाने के लिए seo ऑप्टीमाइज़्ड करते है ताकि उनकी वेबसाइट के कंटेंट का organic सर्च हो. वह Organic Results पर ज्यादा काम करते है।

          कुछ SERPs दुसरो के मुकाबले Organic रिजल्ट display करते है. ऐसा इसीलिए है क्योंकि अलग अलग searches पर अलग अलग intent होता है. primary टाइप इन्टरनेट searches को हम तीन भागो के अंदर बाँट सकते है –

  1. Informational
  2.  Navigational
  3. Transactional

Informational searches उसे कहा जाता है कि जिससे user को ये लगता है कि वो kisi भी टॉपिक पर इनफार्मेशन को सर्च कर लेंगे. ये low commercial intent होते है इसलिए इस पर प्रकार के intent पर ads लगाने का मतलब भी नही रहता.

Navigational searches उस searches को कहा जाता है जहाँ user kisi specific वेबसाइट को टारगेट करता है मतलब use यदि वेबसाइट का पूरा url मालूम न हो और उसे वो सर्च इंजन में find करने की कोशिश कर रहा हो.

Transactional searches उसे कहाँ जाता है जहाँ paid रिजल्ट serps में display किये जाते है. ये searches high commercial intent होते है. ये कुछ ऐसे keywords है जिससे user कुछ खरीदने की चाह रखता है जैसे buy.

Paid Results में रिजल्ट को सर्च इंजन में display होने के पैसे दिए जाते है। यदि पहले की बात की जाये तो advertisement के द्वारा paid result text based ads हुआ करते थे जिसे आर्गेनिक result के ऊपर प्रदर्शित किया जाता है.

paid रिजल्ट को वही लोग इस्तेमाल करते है जिनके पास इन्वेस्टमेंट करने के लिए पैसे है. ये आर्गेनिक की तुलना में बहुत ज्यादा costly है.

SERPs Performance के लिए Popular Tips

Search Engine, Websites के Structured data को read करके अतिरिक्त data रिजल्ट्स display  करता है। अपने ब्लॉग या वेबसाइट के page को सर्च इंजन पर हाई रैंक लाने के लिए अब आपके लिए कुछ tips है जिनको आपने follow karna है.

  • Interlinking Post

यदि आपने अपनी साईट का serp परफॉरमेंस अच्छा karna है तो अपने नई पोस्ट में पुरानी पोस्ट को add करे. और जो पोस्ट आप add कर रहे है वो उसके related होनी चाहिए.

बहुत से ब्लॉगर ऐसे है जो kisi दूसरी पोस्ट को add करते समय डायरेक्ट उनका टाइटल लिंक add कर देते है. but इसके कुछ तरीके है जिनको follow करके आप serps में अपनी साईट के लिए better position बना सकते है.

  • Referral Links

जब आप अपनी वेबसाइट के लिए नई पोस्ट को पब्लिश करते है तो उसे जरुर social platform पर शेयर करे. क्योंकि यदि आप ऐसा करते है तो आपके ब्लॉग का ट्रैफिक बढेगा और serp में हाई रैंक मिलने की सम्भावना भी बढ़ जाती है.

इसीलिए जब भी पोस्ट या page पब्लिश करे तो उसे सोशल जैसे facebook, twitter, instagram, pinterest, tumblr जैसी साइट्स पर शेयर karna न भूले.

  • SEO Friendly Image बनाना

यदि आप अपनी पोस्ट में images का इस्तेमाल कर रहे है तो उस image को seo फ्रेंडली बनाना बहुत जरूरी हो जाता है. क्योंकि यदि आप इमेज की seo नही करते तो apki साईट का organic ट्रैफिक नही बढेगा इसलिए पोस्ट के साथ साथ इमेज का भी seo करे ताकि ब्लॉग का organic ट्रैफिक बढ़े.

अपनी पोस्ट को seo optimize करके आप 30% तक सर्च रैंक improve कर सकते है.

  • Robot.txt File

इस फाइल का मतलब है कि सर्च इंजन को आपने कौन सा content display करवाना है और कौन सा आपने hide रखना है. यदि गलती से गलत code इसमें add हो जाये तो इससे सर्च रैंकिंग में बहुत इफ़ेक्ट होता है means रैंकिंग बढ़िया नही हो पाती और serp रिजल्ट में साईट कम show होती है.

जो पोस्ट आप सर्च इंजन में नही दिखाना चाहते उसे आप no index कर सकते है. ये ऐसी फाइल है कि ब्लॉग को बनाने के साथ आपने आप generate हो जाती है.

  • सही Meta Description Add करे

यदि आप serp में हाई रैंक पाना चाहते है तो अपने पोस्ट का meta description सही तरीके से add करे. क्योंकि meta description का apki साईट के लिए serp में display करवाने का एक एहम role है.

जैसा कि आपको पता है कि meta description में हम 160 words तक करैक्टर add करते है तो उसमे पोस्ट की summary को लिखा जाता है कि पोस्ट किस बारे में है. ये googlebot को पोस्ट के बारे जरूरी इनफार्मेशन देती है. और आपने देखा भी होगा serps रिजल्ट में पोस्ट के टाइटल के साथ डिस्क्रिप्शन भी show होता है.

Note:- हमेशा पोस्ट के meta description में जरूरी और पोस्ट से सम्बन्धित शब्दों का ही प्रयोग करे. क्योंकि user meta description को read करके कि पोस्ट पर क्लिक करता है.

SERPs Features (SERP के क्या features है )

अब मैं आपको serp के कुछ पोपुलर features के बारे आपके साथ discuss कर रहा हूँ जिसके बारे में आपने पहले कहीं नही पढ़ा होगा तो चलिए इसके बारे में जान लेते है.

  • Featured Snippet

ये serp के first page पर होता है इसमें normally main page से content extract किया जाता है. जो सही तरीके से क्वेरी का answer देता है. जो साईट पहले से ही रैंक है ये उनको ज्यादा important देता है.

Featured snippet की CTRs regular organic रिजल्ट के मुकाबले higher होती है.

  • Image

ये वो results है जिन्हें specific searches के लिए find किया जाता है. और इसमें visual content ही सबसे ज्यादा valuable होते है. ये horizontal row के according ही display करते है यदि आप इसपर क्लिक करते है तो आपको google इमेज सर्च मिलता है. इमेज पैक आपको kisi भी organic position में दिख सकता है.

image content के साथ ये कुछ चीज़े है जो recommend करती है जैसे कि –

  1. Descriptive File
  2. Descriptive Alt Text
  3. Optimized Image Size
  4. Title Attribute Included
  • Knowledge Card

Knowledge Card result ज्यादातर human edited डाटा पर depend होते है. ये बहुत ही बढ़ा ग्राउंड कवर करते है. या फिर ये data agreements with partners के results के तोर पर भी appear हो सकते है. इसीलिए kisi भी साईट के लिए knowledge graph में appear होना बहुत ही बड़ी बात है.

  • Related Questions

Related Questions इस तरीके से display होते है जैसे featured snippet से सम्बन्धित हो. Related Questions को keywords with Featured Snippets भी कहा जाता है. Related Question में आपको कोई छोटा सा CTR bumps दिखाई पड़ सकता है. लेकिन Related Questions हमें Featured Snippet keyword opportunities को find करने में काफी मदद करता है.

  • Site Links

serp sitelinks

जब कोई user domain को सर्च करता है तब Google हमेशा 10 site links की extended पैक को display कर देता है. इस full pack में 5 organic position जो की SERP में dominate करती है. साईट लिंक को serp में appear होने के लिए 3 कारण हो सकते है.

साईट ट्रैफिक, टाइप ऑफ़ क्वेरी या अपने Site पर Search Action anchor markup का implementation होना.

Other Types of Rich Snippet

  • Videos
  • Reviews
  • Local Listing
  • News Box
  • Article
  • Tweet
  • Sitelinks
  • Q & A Snippet
  • Shopping Product
  • Sponsored

और भी ज्यादा जानकारी के लिए आप ये आर्टिकल पढ़े – Wikipedia

ये भी पढ़े :-

Conclusion :

आज के आर्टिकल में आपने सिखा कि SERP क्या है और ये कैसे काम करता है. SERP में टॉप page पर आना कितना जरूरी है ये आपको पता लग गया होगा.

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दोस्तों, अगर आपको ये पोस्ट अच्छा लगे तो प्लीज शेयर करना न भूले और इस पोस्ट को पढ़ने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यबाद!

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